नैनीताल

नैनीताल: हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े के तहत भाषण प्रतियोगिता आयोजित

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 29 सितंबर 2026 | 12:20 PM6

नैनीताल: हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े के तहत भाषण प्रतियोगिता आयोजित

हल्द्वानी, खबर 29 सितंबर 2026। नमामि गंगे अभियान के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” के उपलक्ष्य में इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय “भारत में स्वच्छता नीतियों का विकास” रखा गया था, जिसका उद्देश्य छात्राओं को देश की स्वच्छता संबंधी नीतियों और उनके कार्यान्वयन के बारे में जानकारी देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ एवं प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में, प्राचार्य डॉ. गोस्वामी ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल सरकार या किसी विशेष संस्था की जिम्मेदारी न होकर, प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने महाविद्यालय की छात्राओं से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने छात्राओं से समाज में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, ताकि एक स्वच्छ राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान सुनिश्चित हो सके।

छात्राओं की सहभागिता एवं प्रभावशाली विचार

प्रतियोगिता में महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने “भारत में स्वच्छता नीतियों का विकास”, विभिन्न स्वच्छता अभियानों की प्रभावशीलता, और नागरिक सहभागिता के महत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए भाषण न केवल प्रभावशाली थे, बल्कि उन्होंने विषय की गंभीरता और प्रासंगिकता को भी बखूबी दर्शाया। उनके विचारों ने यह स्पष्ट किया कि वे राष्ट्र की स्वच्छता के प्रति कितनी गंभीर हैं।

कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय

इस पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वय नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतियोगिता की रूपरेखा तैयार करने और सभी व्यवस्थाओं के सुचारू समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. जोशी ने छात्राओं को स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूक रहने और इस दिशा में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार व्यक्तिगत प्रयास सामूहिक सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

निर्णायक मंडल एवं विजेता घोषणा

प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. गौरव कुमार एवं डॉ. रुचि चौधरी ने अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया। निर्णायक मंडल द्वारा सभी प्रतिभागियों के भाषणों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत, ऋषिका ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अनुष्का भट्ट ने द्वितीय स्थान पर अपनी जगह बनाई, जबकि रानी कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को उनके प्रभावशाली एवं सारगर्भित भाषणों के लिए पुरस्कृत किया गया, जिससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिली।

स्वच्छ भारत के निर्माण में जनभागीदारी का महत्व

इस संपूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को यह संदेश देना था कि एक स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए जनभागीदारी और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है। यह प्रतियोगिता छात्राओं में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध हुई। इसके माध्यम से छात्राओं को यह समझाया गया कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें सभी की भागीदारी अनिवार्य है।

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