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नैनीताल: हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में नमामि गंगे अभियान के तहत क्विज़ और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 22 सितंबर 2026 | 01:36 PM15

नैनीताल: हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में नमामि गंगे अभियान के तहत क्विज़ और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन

हल्द्वानी, 22 सितंबर 2026। इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल में नमामि गंगे अभियान के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े के उपलक्ष्य में क्विज़ प्रतियोगिता एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के मध्य स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और गंगा नदी सहित अन्य जल स्रोतों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा उन्हें सामाजिक जागरूकता के कार्यों से जोड़ना रहा।

प्रतियोगिता में विभिन्न संगठनों और समूहों से जुड़ी छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। छात्राओं ने अपनी ज्ञान क्षमता, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों का प्रभावी प्रदर्शन करते हुए इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

क्विज़ प्रतियोगिता का संचालन

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित क्विज़ प्रतियोगिता में छात्राओं से नमामि गंगे अभियान, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा सामान्य जागरूकता से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता के संचालन और मूल्यांकन में डॉ. रुचि रजवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष और व्यवस्थित रूप से मूल्यांकन कर प्रतियोगिता को संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया।

स्लोगन प्रतियोगिता में रचनात्मकता का प्रदर्शन

इसके साथ ही स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने स्वच्छता, गंगा संरक्षण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संदेश को प्रभावशाली नारों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का परिचय देते हुए आकर्षक और संदेशपरक स्लोगन पेश किए।

स्लोगन प्रतियोगिता के मूल्यांकन में डॉ. गौरव कुमार, डॉ. हेम अठ और डॉ. मंजरी जोशी ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। निर्णायकों ने छात्राओं की रचनात्मकता, विषय की प्रासंगिकता, संदेश की प्रभावशीलता और प्रस्तुतीकरण को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया।

नमामि गंगे नोडल अधिकारी का मार्गदर्शन

कार्यक्रम के नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी ने प्रतियोगिताओं के आयोजन से पूर्व प्रतिभागियों और संबंधित सदस्यों को प्रतियोगिता की संपूर्ण प्रक्रिया, नियम, समय-सीमा, मूल्यांकन प्रक्रिया और आवश्यक दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगिता के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. जोशी ने इस प्रकार की गतिविधियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि छात्राओं में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना है। उन्होंने छात्राओं से स्वच्छता के संदेश को अपने महाविद्यालय, परिवार और समाज तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

ऑनलाइन माध्यम से व्यापक पहुंच

कार्यक्रम को अधिक व्यापक स्तर पर छात्राओं और अन्य लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इसका ऑनलाइन माध्यम से भी संप्रेषण किया गया। कार्यक्रम की YouTube के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग की गई, जिससे प्रतियोगिता की गतिविधियों को ऑनलाइन माध्यम से देखा और साझा किया जा सका। इससे कार्यक्रम की पहुंच महाविद्यालय परिसर से बाहर तक विस्तारित हुई और डिजिटल माध्यम से भी स्वच्छता एवं गंगा संरक्षण का संदेश प्रसारित हुआ।

प्राचार्य का प्रेरणादायी संदेश

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए स्वच्छता अभियान, नमामि गंगे तथा ‘स्वच्छता ही सेवा’ के मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य महोदया ने अपने संदेश में यह समझाने का प्रयास किया कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या निर्धारित अवधि तक सीमित रहने वाली गतिविधि नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की निरंतर सामाजिक जिम्मेदारी और जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा,

“स्वच्छता को केवल अभियान न बनाएं, इसे अपने संस्कार और व्यवहार का हिस्सा बनाएं।”

उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वच्छ रहें, अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें तथा अपने परिवार और समाज में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं। उनके प्रेरणादायी संदेश ने छात्राओं में उत्साह और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

इस अवसर पर यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि गंगा एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। युवाओं एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाया जा सकता है।

क्विज़ एवं स्लोगन प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने छात्राओं को यह प्रेरणा दी कि वे नमामि गंगे अभियान और ‘स्वच्छता ही सेवा’ के संदेश को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बनें।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी, नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी, डॉ. रुचि रजवार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. हेम भट्ट, डॉ. मंजरी जोशी सहित महाविद्यालय के संबंधित शिक्षकगण एवं छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम का समापन स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया।

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