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नैनीताल: 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े' के तहत हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में आयोजित हुई निबंध प्रतियोगिता

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 24 सितंबर 2026 | 01:58 PM9

नैनीताल: 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े' के तहत हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में आयोजित हुई निबंध प्रतियोगिता

हल्द्वानी, 24 सितंबर 2026। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत चल रहे ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े’ (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026) के क्रम में, इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल में 24 सितंबर को एक महत्वपूर्ण निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नागरिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

निबंध प्रतियोगिता का विषय

प्रतियोगिता का विषय “स्वच्छता में नागरिक जिम्मेदारी” रखा गया था। महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संकायों की छात्राओं ने इस विषय पर अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। निबंधों के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, कूड़ा-कचरा प्रबंधन तथा जन-जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। प्रतियोगिता ने इस संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि स्वच्छता केवल सरकारी तंत्र या किसी विशेष संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत, सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।

निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन

प्रतियोगिता में प्रस्तुत निबंधों का मूल्यांकन एक अनुभवी निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। इस मंडल में डॉ. रुचि राजवार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. मंजरी जोशी एवं डॉ. मंजरी चौधरी शामिल थे। निबंधों का आकलन करते समय विषय-वस्तु की सार्थकता, मौलिकता, तार्किक प्रस्तुति, भाषा-शैली की सुगमता, विचारों की स्पष्टता, प्रस्तुतीकरण की गुणवत्ता और प्रासंगिकता जैसे विभिन्न मानदंडों का ध्यान रखा गया।

नोडल अधिकारी का मार्गदर्शन

कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी ने किया। अपने संबोधन में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता को किसी विशेष अभियान या पखवाड़े तक सीमित न रखकर, इसे दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का एक स्थायी हिस्सा बनाया जाना चाहिए। डॉ. जोशी ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने घरों, महाविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्राचार्या ने छात्राओं की सराहना की

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी ने प्रतियोगिता में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवा पीढ़ी में सामाजिक चेतना, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्राचार्या ने स्वच्छता को एक सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए युवा पीढ़ी से इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

स्वच्छता को सामाजिक दायित्व के रूप में प्रस्तुत किया

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं ने स्वच्छता को केवल एक व्यक्तिगत आदत से आगे बढ़कर एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक स्वच्छ वातावरण के निर्माण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी, जिम्मेदार व्यवहार और निरंतर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यह आयोजन ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े’ के उद्देश्यों को छात्राओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति और व्यवहार से जोड़ने की एक सार्थक पहल साबित हुई, जिससे स्वच्छता के प्रति एक मजबूत संदेश प्रसारित हुआ।

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