नए लेबर लॉ के नुकसान: कर्मचारियों पर बढ़ सकता है बोझ
मुख्य संपादकप्रकाशित: 1 दिसंबर 2025 | 05:16 PM1

देश-भारत में लागू होने जा रहे नए लेबर लॉ को लेकर कर्मचारियों में कई तरह की आशंकाएँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों से कंपनियों को तो प्रक्रियाएँ सरल होंगी, लेकिन कर्मचारियों को सीधे तौर पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। सबसे बड़ा असर इन-हैंड सैलरी पर दिखेगा, क्योंकि नए प्रावधानों में बेसिक वेतन को कुल सैलरी का कम से कम 50 प्रतिशत रखना अनिवार्य होगा, जिससे पीएफ और अन्य कटौतियाँ बढ़ जाएंगी और कर्मचारियों के हाथ में आने वाली राशि कम हो जाएगी। लंबे समय तक काम कराने की अनुमति मिलने से कुछ सेक्टरों में 12 घंटे की शिफ्ट का दबाव बढ़ सकता है, जिससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका है। छुट्टियों की गणना में बदलाव से earned leave का लाभ भी कम हो सकता है। इसके अलावा नए लेबर कोड कंपनियों को अधिक लचीलापन देते हैं, जिससे कॉन्ट्रैक्ट आधारित रोजगार बढ़ने और नौकरी की स्थिरता कम होने का खतरा है। कुल मिलाकर, नए नियम जहां उद्योगों के लिए सहज माहौल बना सकते हैं, वहीं कर्मचारियों की वेतन संरचना, आराम के समय और नौकरी सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
संबंधित ख़बरें

नीब करौरी बाबा पर आधारित 'हनुमान अंश' की ऐतिहासिक उड़ान: 28वें दिन 42% का उछाल, अब विदेशों में रिलीज की तैयारी
4 सितंबर 2026 | 11:09 AM

कमजोर डॉलर से सोने में तेजी, 600 रुपये उछला भाव; चांदी 2.40 लाख रुपये किलो पर स्थिर
17 अगस्त 2026 | 07:33 PM

शेयर बाजार में दबाव जारी, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में; कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का असर
13 अगस्त 2026 | 02:55 PM

भारत सरकार के सख्त रुख के बाद Meta ने मांगी माफी, डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री पर उठे सवाल
6 अगस्त 2026 | 07:07 AM