दिल्ली की हवा पर हल्ला बोल: प्रदूषण के खिलाफ सड़कों पर उतरे नागरिक, बोले—“अब सांस भी मुश्किल है”
मुख्य संपादकप्रकाशित: 10 नवंबर 2025 | 09:04 AM6

नई दिल्ली –
राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर ज़हर में बदल चुकी है। बढ़ते प्रदूषण स्तर ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इसी के विरोध में आज सैकड़ों नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र ‘स्मॉग से आज़ादी’ के नारे लगाते हुए सड़कों पर उतर आए। प्रदूषण के खिलाफ यह प्रदर्शन इंडिया गेट और जंतर मंतर के आसपास हुआ, जहाँ लोगों ने मास्क पहनकर और बैनर उठाकर सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था—“यह सिर्फ हवा का नहीं, हमारी ज़िन्दगी का सवाल है।”कई पर्यावरण संगठनों ने इस रैली को समर्थन दिया। उनका कहना है कि केवल प्रतिबंध और अस्थायी उपायों से कुछ नहीं होगा, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस नीति बनानी होगी। लोगों ने गाड़ियों की बढ़ती संख्या, खुले में कचरा जलाने और निर्माण स्थलों की धूल को प्रदूषण के प्रमुख कारण बताया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन हर साल यही चेतावनी देता है, लेकिन ज़मीन पर बदलाव न के बराबर है।
वहीं पुलिस ने रैली में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिससे हल्की झड़प भी देखने को मिली। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘गंभीर श्रेणी’ (Severe) में बना हुआ है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकती है।
जनता की आवाज़:
एक प्रदर्शनकारी ने कहा,
“हम हर साल यही कहते हैं—दिल्ली की हवा खराब है। पर अब हालात ऐसे हैं कि मास्क के बिना बाहर निकलना मौत को दावत देने जैसा है।”
दूसरे ने कहा,
“अगर सरकार अब भी नहीं जागी, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”
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