जंगल बचाने के लिए ख़ुद मैदान में उतरे डीएम अंशुल सिंह
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 21 मई 2026 | 09:42 PMअपडेट: 21 मई 2026 | 09:43 PM16

अल्मोड़ा जनपद में बढ़ रही फॉरेस्ट फायर की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अंशुल सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाना केवल सरकारी तंत्र की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही फॉरेस्ट फायर की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की घटनाएं पर्यावरण, वन संपदा, वन्यजीवों एवं मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगलों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें तथा आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।
उन्होंने बताया कि आज जनपद में फॉरेस्ट फायर की घटनाओं के संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध 5 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी व्यक्ति इस प्रकार के कृत्य में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को पूरी तत्परता एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आज अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने राहगीरों एवं ग्रामवासियों से भी फॉरेस्ट फायर की घटनाओं को लेकर संवाद किया। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने सभी से जंगलों को सुरक्षित रखने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
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