चंपावत

चंपावत से श्री बद्रीनाथ धाम के लिए वरिष्ठ नागरिकों का पहला निःशुल्क तीर्थयात्री दल रवाना

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 23 सितंबर 2026 | 06:39 PM8

चंपावत से श्री बद्रीनाथ धाम के लिए वरिष्ठ नागरिकों का पहला निःशुल्क तीर्थयात्री दल रवाना

चंपावत, 23 सितम्बर 2026…

वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क तीर्थाटन की पहल

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को निःशुल्क तीर्थाटन कराने के निर्देशों के क्रम में, प्रदेश सरकार की पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के अंतर्गत बुधवार को जनपद चंपावत से श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए वरिष्ठ नागरिकों का पहला दल रवाना हुआ। इस प्रथम दल में कुल 35 श्रद्धालु शामिल थे, जिनमें 12 महिलाएं और 23 पुरुष थे।

यात्रा का शुभारंभ

जिला पर्यटन कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं के इस दल को श्री बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, दायित्वधारी मुकेश मेहराना और विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

योजना का उद्देश्य और प्रावधान

जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से पंडित दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को प्रदेश के चयनित धार्मिक स्थलों की निःशुल्क तीर्थयात्रा कराई जाती है। यात्रा के दौरान परिवहन के साथ-साथ भोजन और आवास की व्यवस्था भी इस योजना के अंतर्गत की जाती है।

धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर

इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को श्री बद्रीनाथ धाम, श्री गंगोत्री धाम सहित प्रदेश के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से ऐसे वरिष्ठ नागरिकों की तीर्थाटन की अभिलाषा को पूरा करना है, जो विभिन्न कारणों से स्वयं तीर्थयात्रा करने में असमर्थ होते हैं।

आभार और उत्साह

दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थाटन से जोड़ते हुए उन्हें धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने इस योजना को देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से वरिष्ठजनों को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। चंपावत से पहले दल के रवाना होने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम के दौरान पर्यटन विभाग के कार्मिकों सहित श्रद्धालु और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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