चंपावत

चंपावत में बाल विधानसभा के लिए चयन प्रक्रिया शुरू: 14-16 वर्ष के छात्र-छात्राएं बनेंगे बाल विधायक

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 10 सितंबर 2026 | 05:18 PM2

चंपावत में बाल विधानसभा के लिए चयन प्रक्रिया शुरू: 14-16 वर्ष के छात्र-छात्राएं बनेंगे बाल विधायक

चंपावत, 10 सितंबर 2026।

राज्य के बच्चों में लोकतांत्रिक सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा ‘पंचम बाल विधानसभा-2026’ के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं बाल विधायक के रूप में चयनित होकर विधानसभा में अपनी बात रखेंगे।

बाल विधायकों का चयन: एक विस्तृत प्रक्रिया

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस द्विवार्षिक कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी 13 जिलों से कुल 70 मेधावी बालकों और बालिकाओं का चयन किया जाएगा। इन चयनित छात्र-छात्राओं को बाल विधायक और बाल मुख्यमंत्री के रूप में अवसर प्रदान किया जाएगा। यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए, प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से निर्धारित मानदंडों के अनुसार एक मुख्य छात्र/छात्रा और एक स्टैंडबाय (Standby) छात्र/छात्रा का चयन किया जाएगा। इन चयनित छात्र-छात्राओं की सूची संबंधित जिले द्वारा आयोग को भेजी जाएगी।

निबंध प्रतियोगिता के आधार पर होगा चयन

बाल विधायकों के चयन की पूरी प्रक्रिया निबंध प्रतियोगिता पर आधारित होगी। आयोग द्वारा निर्धारित समयसारिणी के अनुसार, 10 से 15 सितंबर 2026 के मध्य एक 5-सदस्यीय ज्यूरी निबंधों का मूल्यांकन करेगी। इस ज्यूरी में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम/प्रोबेशन अधिकारी और दो प्रवक्ता शामिल होंगे। ज्यूरी द्वारा मूल्यांकन के उपरांत अंतिम सूची तैयार की जाएगी।

आयोग को सूची भेजने की अंतिम तिथि और ऑनलाइन समीक्षा

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा चयनित बाल विधायकों की संपूर्ण सूची एवं विस्तृत विवरण 20 सितंबर 2026 तक आयोग को उपलब्ध कराया जाएगा। सूची प्राप्त होने के पश्चात, 26 सितंबर 2026 को एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चयनित छात्र-छात्राओं और कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी।

इस ‘पंचम बाल विधानसभा-2026’ का गठन बच्चों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और उनमें नेतृत्व के गुणों का विकास करेगा। यह मंच उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा। चंपावत जिले में भी इस प्रक्रिया को लेकर उत्साह का माहौल है और योग्य छात्र-छात्राओं से आवेदन की अपेक्षा की जा रही है।

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