चंपावत

चंपावत: जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण अभियान, बाराकोट में 250 पौधे रोपे गए

गीता जोशी (संपादक)25 जुलाई 2026 | 10:34 PM6

चंपावत: जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण अभियान, बाराकोट में 250 पौधे रोपे गए

चंपावत, 25 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखण्ड के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूती मिल रही है। इसी दिशा में, हरेला महोत्सव के अवसर पर विकासखंड बाराकोट में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के कुशल मार्गदर्शन में, ग्राम प्रधानों, वन पंचायतों और स्थानीय ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से विकासखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सघन पौधारोपण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

पौधारोपण अभियान का विवरण

खंड विकास अधिकारी बाराकोट, अवनीश उपाध्याय ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि हरेला महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही यह वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ किया गया था। इसी क्रम में, आज विकासखंड कार्यालय में शेष बचे लगभग 250 पौधों का बाराकोट वन पंचायत क्षेत्र में स्थानीय लोगों के सहयोग से रोपण किया गया। यह अभियान न केवल वृक्षारोपण पर केंद्रित है, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के दीर्घकालिक उद्देश्य को भी पूरा करता है।

जनसहभागिता की सराहना

खंड विकास अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जनसहभागिता से संचालित यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सराहनीय कदम है। उन्होंने इस अभियान में सहयोग देने वाले सभी ग्राम प्रधानों, वन पंचायतों और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने सभी से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि यह वृक्षारोपण भविष्य में एक हरा-भरा वातावरण प्रदान कर सके।

हरित उत्तराखण्ड का संकल्प

यह पौधारोपण अभियान माननीय मुख्यमंत्री के पर्यावरण संरक्षण के विजन का एक महत्वपूर्ण अंग है। उत्तराखण्ड सरकार राज्य को पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध और सतत विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरेला महोत्सव जैसे पर्वों का उपयोग वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता फैलाने के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बना रही है।

भविष्य की योजनाएं

आने वाले समय में भी इस तरह के अभियान जारी रखने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों को हरित किया जा सके और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में योगदान दिया जा सके। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के संयुक्त प्रयासों से चंपावत जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है।

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