चंपावत

चंपावत के गोरल चौड़ क्षेत्र के विकास के लिए ₹117.22 करोड़ की स्वीकृति, ₹6.60 करोड़ जारी

गीता जोशी (संपादक)25 जुलाई 2026 | 04:20 AM6

चंपावत के गोरल चौड़ क्षेत्र के विकास के लिए ₹117.22 करोड़ की स्वीकृति, ₹6.60 करोड़ जारी

चंपावत, 24 जुलाई 2026।

मुख्यमंत्री के प्रयासों से “आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत” अभियान को एक नया आयाम मिला है, जिसके तहत गोरल चौड़ परियोजना के लिए ₹117.22 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के तहत गोरल चौड़ क्षेत्र को विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना, पर्यटन, युवाओं के सशक्तिकरण और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चंपावत को प्रदेश का आदर्श जनपद बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, राज्य सरकार ने गोरल चौड़ क्षेत्र के समग्र एवं एकीकृत विकास के लिए “कंस्ट्रक्शन ऑफ इंटीग्रेटेड मास्टर डेवलपमेंट एंड कॉम्प्लेक्स प्लानिंग ऑफ गोरल चौड़ एरिया, चम्पावत” योजना को वित्तीय स्वीकृति दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹117.22 करोड़ है, जिसे व्यय वित्त समिति द्वारा भी अनुमोदित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में चंपावत में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, खेल, पेयजल, शहरी विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। गोरल चौड़ क्षेत्र के विकास की यह परियोजना जनपद को राष्ट्रीय स्तर की खेल एवं बहुउद्देशीय अवसंरचना उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

यह परियोजना भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा संचालित “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) 2026-27” के भाग-1 (अनटाइड) के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए वर्तमान में ₹10 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। इसके सापेक्ष, प्रथम किश्त के रूप में ₹6.60 करोड़ की धनराशि खेल निदेशालय के निवर्तन पर रख दी गई है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

गोरल चौड़ क्षेत्र का बहुआयामी विकास

गोरल चौड़ क्षेत्र का विकास केवल एक खेल परिसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक आधुनिक एवं बहुआयामी सुविधाओं से युक्त एकीकृत विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों के आयोजन की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, युवाओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, खेल प्रतिभाओं को एक नया मंच प्राप्त होगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना चंपावत को उत्तराखंड के प्रमुख खेल एवं विकास केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चंपावत में विकास कार्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर तेजी से साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत” की परिकल्पना के अनुरूप यह परियोजना जिले के समग्र विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इससे युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा जनपद की नई पहचान स्थापित होगी।

जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था और सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से संबंधित सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करते हुए निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपादित किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ शीघ्र जनसामान्य एवं युवाओं तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन एवं विशेष प्रयासों से चंपावत में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। गोरल चौड़ की यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल खेल संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि चंपावत को आधुनिक, विकसित और आत्मनिर्भर जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध होगी।

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