चंपावत

गड़कोट में ‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय (भेंट घाट)’ का शुभारंभ

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 25 अक्टूबर 2026 | 03:29 PMअपडेट: 25 अक्टूबर 2026 | 03:37 PM28

गड़कोट में ‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय (भेंट घाट)’ का शुभारंभ

चंपावत, गड़कोट ग्राम सभा के भेंट घाट में जिए पहाड़ समिति और Untold Stories of Kumaon के संयुक्त तत्वावधान में ‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय’ का शुभारंभ किया गया है। यह पहल स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

इस पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में पठन-पाठन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना, शिक्षा को प्रोत्साहित करना और युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर रचनात्मक व सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। इसे केवल किताबें पढ़ने की जगह के रूप में नहीं, बल्कि सीखने, विचारों के आदान-प्रदान और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित करने का प्रयास है।

पुस्तकालय की स्थापना में गांव के युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। स्थानीय युवा इसे गांव के जीवन का अभिन्न अंग बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। युवाओं की यह भागीदारी दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव संभव है, और जब युवा अपनी शिक्षा और रचनात्मकता के लिए पहल करते हैं, तो वे आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर भी सृजित करते हैं।

इस पुनीत कार्य में ग्रामवासियों और सहयोगियों का भी अमूल्य योगदान रहा। डॉ. विनोद जोशी ने अपने पिता स्वर्गीय पंडित मोतीराम जोशी की स्मृति में पुस्तकालय के लिए सहयोग प्रदान किया। सप्तेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट ने पुस्तकालय के लिए स्थान उपलब्ध कराया, जबकि ग्रामवासियों और स्थानीय युवाओं ने मिलकर इस पहल को साकार करने में अपना सहयोग दिया। इन सभी के सामूहिक प्रयासों से गांव में पढ़ने-सीखने के लिए एक निःशुल्क सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो पाया है।

जिए पहाड़ समिति के जिला समन्वयक अनिल चौधरी ‘पिंकी’ ने बताया कि पुस्तकालय का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तकालय बच्चों और युवाओं में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाएगा, उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगा।

इसके अतिरिक्त, Untold Stories of Kumaon इस पहल के माध्यम से कुमाऊँ के गांवों की अनसुनी कहानियों, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों के अनुभवों को सामने लाने का कार्य कर रहा है। गांव के युवाओं की भागीदारी इस प्रयास का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि वे अपनी जड़ों, स्थानीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को समझते हुए इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आगामी समय में ‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय’ बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों के लिए पठन-पाठन, सीखने, संवाद करने और सामूहिक रूप से नए विचारों पर काम करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। यह पहल इस विश्वास को और मजबूत करती है कि गांव के युवा केवल बदलाव के प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि बदलाव लाने वाले सक्रिय भागीदार भी हैं।

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