उत्तराखंड: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर को, विशेष अभियान की प्रगति पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 7 सितंबर 2026 | 06:52 PM7

देहरादून, उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस अभियान की प्रगति और नई समय-सीमा के बारे में विस्तार से बताया।
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की नई तिथि
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि को संशोधित कर 3 अक्टूबर 2026 कर दिया है। यह घोषणा प्रदेश के मतदाताओं और संबंधित अधिकारियों के लिए अहम है, क्योंकि पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होना तय था। यह बदलाव चुनाव आयोग द्वारा जारी नए कार्यक्रम के तहत किया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति
डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बड़ी संख्या में नोटिसों पर कार्रवाई की गई है। प्रदेश में कुल 24 लाख 30 हजार नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 99 प्रतिशत से अधिक नोटिसों पर सुनवाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि अधिकारी मतदाताओं से संबंधित मुद्दों को हल करने में काफी हद तक सफल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, फार्म 6, 7 और 8 के तहत प्राप्त आवेदनों पर भी सुनवाई का कार्य तेज़ गति से चल रहा है। इन सभी फार्म से संबंधित 40 प्रतिशत सुनवाई का कार्य भी अब तक पूर्ण हो चुका है।
दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई का अंतिम चरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नए कार्यक्रम के तहत, दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित की गई है। दावों और आपत्तियों पर सुनवाई का कार्य 28 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, 3 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। यह अंतिम प्रकाशन आगामी चुनावों के लिए निर्वाचक नामावली को अंतिम रूप देगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास भी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
यह नई समय-सीमा मतदाताओं को अपनी प्रविष्टियों की जांच करने और यदि आवश्यक हो तो संशोधन के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है, जिससे मतदाता सूची की सटीकता और पूर्णता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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