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अल्मोड़ा: हवालबाग RSETI में 14 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 17 सितंबर 2026 | 07:26 PM24

अल्मोड़ा: हवालबाग RSETI में 14 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

अल्मोड़ा, खबर…

स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), हवालबाग, अल्मोड़ा में आज एक महत्वपूर्ण 14 दिवसीय जूट बैग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन खंड विकास अधिकारी श्री रमेश सिंह कंवल और आरसेटी के निदेशक श्री राकेश रोशन विश्वकर्मा जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

प्रतिभागियों की पहचान

यह 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से खताड़ी एवं अन्य आसपास के ग्रामों की 30 महिलाओं के लिए आयोजित किया गया है। इन महिलाओं का चयन इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए किया गया है, ताकि वे जूट बैग बनाने की कला सीख सकें और भविष्य में अपनी आजीविका के लिए इस कौशल का उपयोग कर सकें।

प्रशिक्षण का स्वरूप

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, प्रतिभागियों को दो प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामान्य उद्यमिता विकास (EDP) का प्रशिक्षण श्री हरीश सती द्वारा प्रदान किया जाएगा, जो उन्हें व्यवसाय शुरू करने और उसे संचालित करने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देंगे। इसके साथ ही, जूट बैग बनाने का विशेष प्रशिक्षण श्रीमती रमा कुमारी द्वारा दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में जूट के कच्चे माल का उपयोग, विभिन्न प्रकार के बैगों के डिजाइन, सिलाई और फिनिशिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों को शामिल किया जाएगा।

उद्देश्य और महत्व

स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, संस्थान लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करता है। जूट बैग का प्रशिक्षण एक पर्यावरण-अनुकूल पहल भी है, जो प्लास्टिक के उपयोग को कम करने में सहायक हो सकती है। महिलाओं को इस प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार का एक नया मार्ग मिलेगा, जिससे वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकेंगी, बल्कि समाज में भी योगदान दे सकेंगी।

भविष्य की संभावनाएं

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन के बाद, उम्मीद है कि भाग लेने वाली महिलाएं अपने द्वारा बनाए गए जूट बैग्स को बेचकर आय अर्जित कर सकेंगी। इससे उन्हें छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनेंगी। आरसेटी भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने की योजना बना रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

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