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PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में; राहुल को लगी चोट का दावा

मुख्य संपादक22 जुलाई 2026 | 02:13 AM

PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में; राहुल को लगी चोट का दावा

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को छात्रों के आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के निकट प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाया।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हटाए जाने की कार्रवाई में राहुल गांधी को चोट लगी। पार्टी के अनुसार उन्हें आंख के नीचे हल्की चोट आई। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ धरना

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वे एक दिन पहले छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के निकट शांतिपूर्ण धरना देने पहुंचे थे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

धरने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया।

हिरासत के दौरान दिखे नाटकीय दृश्य

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी जमीन पर बैठ गए और उन्हें उठाकर पुलिस वाहन तक ले जाया गया। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा को भी हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से डरने वाला नहीं है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर हिरासत में लिया। इस दौरान कई कांग्रेस सांसद, कार्यकर्ता और अन्य विपक्षी नेता भी पुलिस कार्रवाई की जद में आए।

सरकार और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज

घटनाक्रम के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से उनसे और केंद्रीय गृह सचिव ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। उनके अनुसार सरकार संसद में NEET और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन बाद में कांग्रेस की ओर से अन्य मांगें भी रखी गईं, जिससे सहमति नहीं बन सकी।

वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह केवल छात्रों के हितों, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही की मांग उठा रही है।

आम आदमी पार्टी ने भी उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा सांसद संजय सिंह और वरिष्ठ नेता आतिशी ने कांग्रेस के प्रदर्शन के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के मूल आंदोलन को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया।

मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए वह तैयार है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद और सियासत दोनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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