ब्रेकिंग न्यूज़

NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 25 जुलाई 2026 | 02:50 PMअपडेट: 25 जुलाई 2026 | 02:57 PM23

NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र

NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र, युवाओं के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी है। अपने सार्वजनिक पत्र में उन्होंने पिछले दस दिनों के घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ा है।

युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करने की बात

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि वे देश की युवा शक्ति, विद्यार्थियों की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। उन्होंने युवाओं को भारत का भविष्य ही नहीं, बल्कि विकसित भारत का निर्माता और वाहक बताया।

पत्र में उन्होंने लिखा कि भारत की युवा शक्ति देश की वास्तविक ताकत है और विद्यार्थियों के भविष्य को किसी भ्रम, विवाद या अनिश्चितता में नहीं पड़ने दिया जाना चाहिए। इसी सोच के आधार पर उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही।

NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं का किया उल्लेख

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी और परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया।

पत्र के अनुसार, परीक्षा की नई तारीख घोषित की गई और भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता रही।

20 लाख से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा कराना रही चुनौती

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों की परीक्षा को व्यवस्थित और सुचारु रूप से आयोजित करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और विशेष रूप से जिला प्रशासन के समन्वय से काम किया गया।

उन्होंने पत्र में छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन के सहयोग का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, संयुक्त प्रयासों से 21 जून 2026 को परीक्षा पूरी कराई गई।

किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने देने का संकल्प

पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही इस मामले की जिम्मेदारी ली और किसी भी मेधावी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने देने का संकल्प लिया। उन्होंने लिखा कि परीक्षा व्यवस्था में सामने आई खामियों के कारण विद्यार्थियों की संभावनाओं और भविष्य को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी विद्यार्थियों को सफलता मिली।

विद्यार्थियों को भ्रमित करने के प्रयासों पर जताया दुख

धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने विद्यार्थियों को गुमराह करने और व्यवस्था में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से उनका मन अत्यंत व्यथित हुआ।

उन्होंने देशवासियों से सामाजिक और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की। साथ ही विद्यार्थियों से अपनी पढ़ाई, समय और करियर पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और अपने साथ कार्य करने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी वे भारत, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए कार्य करते रहेंगे।

पत्र में जगन्नाथ जी का किया उल्लेख

अपने पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि वे देश और युवाओं की सेवा के लिए स्वयं को हर संभव रूप में समर्पित रखेंगे। पत्र पर धर्मेंद्र प्रधान के हस्ताक्षर हैं।

नोट: यह समाचार केवल संलग्न पत्र में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

Twitter Post

https://x.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?s=46

 

शेयर करें:WhatsAppFacebook

संबंधित ख़बरें