April 21, 2026

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भूकंप आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज — राज्य स्तरीय टेबल टॉप अभ्यास सम्पन्न, 15 नवंबर को होगी मॉक ड्रिल

चम्पावत – भूकंप आपदा प्रबंधन की तैयारी तेज — राज्य स्तरीय टेबल टॉप अभ्यास सम्पन्न, 15 नवंबर को होगी मॉक ड्रिल

उत्तराखंड राज्य में संभावित भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने की तैयारियों के तहत गुरुवार को राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (Table Top Exercise) का वर्चुअल आयोजन किया गया। यह अभ्यास राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) सभागार, चंपावत से संपन्न हुआ।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की काल्पनिक स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, संसाधनों के उपयोग और आपातकालीन संचार व्यवस्था की समीक्षा करना रहा।

अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी ने जिला स्तर पर बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद में भूकंप जैसी आपदा के त्वरित प्रतिवेदन हेतु इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) टीम गठित की गई है, जिसमें पाँच प्रमुख सेक्शन शामिल हैं—कमांड स्टाफ, ऑपरेशन, प्लानिंग, लॉजिस्टिक और फाइनेंस।

उन्होंने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट IRS के रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक को डेप्यूटी रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर नामित किया गया है। आगामी 15 नवंबर को होने वाली मॉक ड्रिल के लिए जनपद में 8 स्थलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें गोरलचौड़ मैदान को स्ट्रेजिंग एरिया के रूप में निर्धारित किया गया है।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का पूर्वाभ्यास करें और मॉक ड्रिल के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण तत्परता के साथ करें। उन्होंने कहा, “किसी आपदा के घटित होने की प्रतीक्षा करने के बजाय पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।”

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के  उपाध्याय एवं विनय रुहेला ने अभ्यास के दौरान कहा कि उच्च तीव्रता के भूकंप की स्थिति में विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, राहत सामग्री का प्रबंधन और आम जनता में जागरूकता ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी है।

वर्चुअल अभ्यास में सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एसएसबी, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन सेवा समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपनी भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की और 15 नवंबर को प्रस्तावित पूर्ण स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।