April 20, 2026

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जिला योजना समीक्षा: गुणवत्ता और समन्वय पर जिलाधिकारी का जोर

चम्पावत: आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों की जिला योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में हुई इस बैठक में योजनाओं की गुणवत्ता और विभागों के आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। आगामी वित्तीय वर्ष हेतु कुल लगभग 9102 लाख रुपये की जिला योजना प्रस्तावित है। इस बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय बनाए रखें और एक ही मद में विभिन्न विभागों द्वारा कार्यों की पुनरावृत्ति से बचें। उन्होंने विशेष रूप से छोटे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचना चाहिए।

कृषि विभाग द्वारा लगभग 8 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तुत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने पौध सुरक्षा कार्यक्रम को बढ़ावा देने, महिला कृषकों को प्रशिक्षण देने, सामूहिक खेती को प्रोत्साहित करने तथा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। साथ ही, मृदा एवं जल संरक्षण के कार्यों को भी बढ़ाने पर बल दिया गया।

उद्योग विभाग द्वारा प्रस्तुत 3.6 करोड़ रुपये की योजना पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कीवी, सेब, ड्रैगन फ्रूट और नाशपाती को बढ़ावा देने के साथ मुड़ियानी में उन्नत नर्सरी विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा बीज प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए बजट का प्रावधान सुनिश्चित करने को भी कहा।

भेषज विभाग ने 35 लाख रुपये और रेशम विभाग ने 50 लाख रुपये की प्रस्तावित योजनाएं प्रस्तुत कीं।

पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 2.8 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तुत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने गोपालन को बढ़ावा देने, चारा विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने तथा कृत्रिम गर्भाधान को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को ‘गोट वैली’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने का भी निर्देश दिया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ करना और पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

दुग्ध विकास विभाग की 2.3 करोड़ रुपये की योजना में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

मत्स्य विभाग की 3 करोड़ रुपये की योजना पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कम लागत वाले कार्यों में भी गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

वानिकी विभाग ने 65 लाख रुपये और सहकारिता विभाग ने 50 लाख रुपये की योजनाएं प्रस्तुत कीं।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्यों को बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को गांवों के समग्र विकास हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जी एस खाती, जिला विकास अधिकारी दिनेश डिगारी, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वसुंधरा गर्ब्याल, जिला उद्यान अधिकारी मोहित मल्ली और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा संबंधित कार्मिक उपस्थित थे।