April 20, 2026

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हल्द्वानी: अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन में बोले सीएम धामी—“सैनिक कभी भूतपूर्व नहीं होता, जीवनभर सैनिक ही रहता है”

हल्द्वानी – सीआरपीएफ कैंप मुख्यालय में बुधवार को आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जवानों की वीरता, समर्पण और देशभक्ति को नमन किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक अर्धसैनिक बलों ने हर मोर्चे पर तिरंगे की शान को बढ़ाया है। देश की सुरक्षा में इन वीर सपूतों का योगदान अविस्मरणीय है।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में अर्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

प्रेसिडेंट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री से सम्मानित अर्धसैनिक को 5 लाख रुपये की अनुदान राशि।

अचल संपत्ति न रखने वाली पूर्व अर्धसैनिक एवं वीर नारियों को जीवन में एक बार स्टाम्प शुल्क में 25% तक की छूट।

उत्तराखण्ड अर्धसैनिक बल कल्याण परिषद को सक्रिय कर पुलिस मुख्यालय में कार्यालय कक्ष आवंटित किया जाएगा।

सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्धसैनिक) और बड़े जिलों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत, जिनमें पूर्व अर्धसैनिक संविदा पर नियुक्त होंगे।

अर्धसैनिक बलों के बच्चों को भी अब शादी के लिए सैनिकों के समान वित्तीय सहायता दी जाएगी।

सीजीएचएस भवन निर्माण के लिए जिले को भूमि चयन जल्द करने के निर्देश।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों की समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी शहीद परिवार को किसी भी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े।

अर्धसैनिक व शहीदों के लिए बढ़ी सुविधाएं

सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार अर्धसैनिक बलों और शहीदों के परिजनों की सहायता राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर चुकी है।
अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीरों की पुरस्कार एवं वार्षिक अनुदान राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राज्य में शहीद स्मारक और शहीद द्वार का निर्माण तेजी से जारी है, और इस वर्ष 10 नए स्मारकों की स्वीकृति दी गई है।
साथ ही शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था भी लागू है।

आंतरिक सुरक्षा और अवैध बसावट पर बड़ी कार्रवाई

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट और गलत गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की है। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई जा चुकी है और 550 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं।

राज्य में समान नागरिक संहिता, कठोर धर्मांतरण कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

“विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम कर रही सरकार

सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि भी है और इसकी संस्कृति, परंपरा और धरोहर की रक्षा करना सभी का दायित्व है। सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मेयर गजराज सिंह बिष्ट सहित अनेक अधिकारी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।