नैनीताल

हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को किया गया नमन

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 14 अगस्त 2026 | 11:33 AM21

हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीदों को किया गया नमन

नैनीताल, हल्द्वानी के राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान व्यक्तियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

विभाजन की पीड़ा का स्मरण

कार्यक्रम में इतिहासविद डॉ. रश्मि पंत ने अपने आधार व्याख्यान में कहा कि अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का दुष्परिणाम पूरे देश ने झेला। उन्होंने बताया कि विभाजन के समय अंग्रेजों ने अपनी कूटनीति से सभी को परेशान किया। डॉ. पंत ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, वह हमारे उन पूर्वजों की देन है जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शहीदों के जीवन पर प्रकाश

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर आभा शर्मा ने विभाजन की विभीषिका में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के वीर सपूतों के जीवन प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और त्याग को याद किया, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

श्रद्धांजलि सभा

कार्यक्रम के अंत में, विभाजन विभीषिका में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश के महान नागरिकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। यह मौन उन अनगिनत जिंदगियों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक था जो देश के बंटवारे के दर्दनाक इतिहास का हिस्सा बने।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी, डॉ. नरेंद्र कुमार जोशी, डॉ. नीता साह, डॉ. दीपा पांडे, डॉ. बीना जोशी, डॉ. दीपा पांडे, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. मंजरी, डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. रुचि रजवार, डॉ. दीपाली कनवाल, डॉ. ज्योति चुफाल, डॉ. नीलम, डॉ. नमिता मिश्रा सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।

समारोह का संचालन

इस स्मृति दिवस कार्यक्रम का संचालन समारोहक डॉ. हेमचंद दुबे ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और वक्ताओं का परिचय कराया, जिससे पूरा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सका।

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