देहरादून

सहसपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा नया रोजगार, 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में अहम कदम

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 25 अगस्त 2026 | 01:48 PM7

सहसपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा नया रोजगार, 'लखपति दीदी' बनने की दिशा में अहम कदम

देहरादून, जिला प्रशासन देहरादून की एक अभिनव पहल के तहत सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ा कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सी.एफ.सी.) अब महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में, जिला प्रशासन ने इस सिलाई यूनिट को आधुनिक मशीनों से लैस कर नया जीवन देने की तैयारी की है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

आधुनिक मशीनों से लैस नई शुरुआत

यह सिलाई यूनिट सहसपुर ब्लॉक के निकट जिला उद्योग केंद्र में वर्ष 2024 में स्थापित की गई थी। अब इसे आस्था कलेक्टर लेवल फेडरेशन, सहसपुर ब्लॉक को सौंप दिया गया है। लगभग 25 से 30 आधुनिक सिलाई मशीनों से सुसज्जित इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देना, उत्पादन की क्षमता बढ़ाना और उन्हें बाजार से जोड़ना है। शुरुआती दौर में इस यूनिट में प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद यह बंद हो गई थी। जिला प्रशासन ने इसे दोबारा सक्रिय करते हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया है, जहाँ महिलाएं जूट बैग, स्कूल ड्रेस, कार कवर और बाइक सीट कवर जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार करेंगी।

निजी कंपनियों से ऑर्डर दिलाने की योजना

जिला प्रशासन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की डिजाइनिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देगा। इसके साथ ही, निजी कंपनियों से संपर्क स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों के लिए ऑर्डर दिलाने की योजना है। भविष्य में सेलाकुई जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर बल्क ऑर्डर प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। इस पहल से महिलाओं को नियमित काम और बेहतर आमदनी सुनिश्चित हो सकेगी।

‘लखपति दीदी’ बनने में सहायक

यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को उत्पादन, बाजार और आय से सीधे जोड़ने का भी प्रयास करेगी। प्रशासन का मानना है कि आधुनिक मशीनों से सुसज्जित यह केंद्र सहसपुर क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आधुनिक मशीनों का सदुपयोग

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर पूर्व में एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य कर रहा था। अब इसे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के संचालन के लिए दिया जा रहा है, जिसके लिए क्लस्टर का चयन भी पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल आधुनिक मशीनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी। सी.एफ.सी. सेंटर के पुनः सक्रिय होने से कई महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ बनने में मदद मिलेगी।

रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे

जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) सोनम गुप्ता ने बताया कि सहसपुर बैरियर के पास जिला उद्योग केंद्र द्वारा स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेंटर में कई आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन की पहल पर अब इन मशीनों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहसपुर ब्लॉक की कई ग्रामीण महिलाएं सिलाई कार्य में पहले से ही कुशल हैं। आधुनिक मशीनें इन महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी और उनकी आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

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