अल्मोड़ा

मुख्यमंत्री की पहल पर चम्पावत में 'विद्यावाहिनी' कार्यक्रम शुरू, दूरस्थ छात्रों को मिली सुरक्षित वाहन सुविधा

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 27 जुलाई 2026 | 03:00 PM14

मुख्यमंत्री की पहल पर चम्पावत में 'विद्यावाहिनी' कार्यक्रम शुरू, दूरस्थ छात्रों को मिली सुरक्षित वाहन सुविधा

चम्पावत, 27 जुलाई, 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर ‘आदर्श चम्पावत’ विजन को साकार करते हुए, जनपद में शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की पहल पर खनन न्यास निधि से ‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम के अंतर्गत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय आने-जाने हेतु सुरक्षित वाहन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरी, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ अथवा आर्थिक कठिनाइयाँ किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें।

‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विकासखंडों में वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया:

  • विकासखंड चम्पावत के सल्ली-सायली क्षेत्र से जीआईसी धौन के लिए लगभग 40 से 45 विद्यार्थियों हेतु एक बस को दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
  • बिरगुल एवं गोली क्षेत्र से जीआईसी भिंगराड़ा के लिए दो वाहन दर्जा राज्य मंत्री श्री मुकेश महराना द्वारा रवाना किए गए।
  • लोहाघाट विकासखंड के डूंगरालेटी एवं जमरसौ क्षेत्र से जीआईसी मडलक तक दो वाहनों को दर्जा राज्य मंत्री श्री सुभाष बगौली, ब्लॉक प्रमुख लोहाघाट महेंद्र ढेक एवं ग्राम प्रधान ठाटा मोहित पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
  • नौलापानी क्षेत्र से जीआईसी अमोड़ी हेतु एक वाहन को जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री सुंदर बोहरा एवं बुडम एवं सुकनी क्षेत्र से जीआईसी तालियाबांज हेतु दो वाहनों को मा0 विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार एवं दीपा जोशी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

शिक्षा की राह हुई सुगम

स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक स्कूली छात्रों को प्रतिदिन कई किलोमीटर कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलकर विद्यालय पहुँचना पड़ता था। बरसात और खराब मौसम के दौरान यह सफर और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था, जिससे कई बार विद्यालय समय पर पहुँचना संभव नहीं हो पाता था। वाहन सुविधा उपलब्ध होने से बच्चे अब समय पर विद्यालय पहुँच सकेंगे, नियमित रूप से कक्षाओं में भाग ले सकेंगे और पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रख सकेंगे। इससे विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ने के साथ-साथ ड्रॉपआउट की संभावना भी कम होगी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार देखने को मिलेगा।

अभिभावकों के विश्वास में वृद्धि

अभिभावकों ने कहा कि दुर्गम रास्तों से स्कूल जाने से बच्चों की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी चिंता रहती थी। अब सुरक्षित वाहन सुविधा मिलने से बच्चों के विद्यालय आने-जाने को लेकर उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा तथा बच्चों का समय और ऊर्जा पढ़ाई, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में लग सकेगी। स्कूली छात्रों एवं उनके अभिभावकों ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।

समान अवसर का माध्यम

ग्रामीणों ने कहा कि ‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा के समान अवसर का माध्यम है। यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने के साथ उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ विजन के अंतर्गत शिक्षा, सुरक्षा और सुगम आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाएँ अब धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई दे रही हैं।

जिला प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘आदर्श चम्पावत’ विजन के अनुरूप प्रत्येक बच्चे तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। ‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित, सुरक्षित एवं समयबद्ध आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित होगी। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनपद का कोई भी बच्चा दूरी या परिवहन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।

शिक्षा अधिकारियों द्वारा सराहना

मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी श्री भरत जोशी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के शिक्षा सुधार संबंधी दिशानिर्देशों के अनुरूप ‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी बढ़ावा देगा।

भविष्य की ओर एक सशक्त कदम

स्थानीय विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिला प्रशासन, चम्पावत का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि ‘विद्यावाहिनी’ कार्यक्रम जनपद के शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रत्येक बच्चे को बेहतर, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख लोहाघाट महेंद्र ढेक, खंड शिक्षा अधिकारी श्री भरत जोशी, श्री जीवन कलोनी, ग्राम प्रधान ठाठा मोहित पाठक सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी, संबंधित ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यालयी छात्र छात्राएं, अभिभावक व अन्य उपस्थित रहे।

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