देहरादून

मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण: तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 11 अगस्त 2026 | 07:16 PM4

मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण: तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक

देहरादून, आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक लगा दी गई है। निरीक्षण में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, एक्सपायर्ड दवाइयों का पाया जाना और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं प्रमुख रूप से सामने आईं।

यह निरीक्षण उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान भी शामिल रहे।

निरीक्षण का उद्देश्य और जांच के बिंदु

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेडिकल स्टोरों पर औषधियों का रखरखाव सही तरीके से हो रहा है, उनके लाइसेंस वैध हैं, और दवा विक्रय से संबंधित सभी वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन किया जा रहा है। टीम ने विशेष रूप से औषधियों के भंडारण, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों का संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज और तापमान की व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों की जांच की।

हैमर्स मेडिकोज में मिली गंभीर अनियमितताएं

हैमर्स मेडिकोज में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाया गया। स्टोर में एक्सपायर्ड दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। दवाओं के अतिरिक्त, यहां दैनिक उपभोग की अन्य वस्तुएं भी बेची जा रही थीं। स्टोर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं मिले और रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, टीम ने तुरंत स्टोर में दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी और नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई।

पायनियर मेडिकल स्टोर को दिए गए दिशा-निर्देश

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक उपस्थित थे। हालांकि, यहां भी एक्सपायर्ड दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। दवाओं के साथ अन्य सामानों की बिक्री भी की जा रही थी। फ्रिज चालू था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर्ड दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

अग्रवाल मेडिकोज पर कार्रवाई

अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक मौजूद थे, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। यह बात सामने आई कि फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में भी दवाइयां बेची जा रही थीं। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाओं के साथ एक्सपायर्ड दवाइयां भी पाई गईं। इसके अलावा, कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं और स्टोर में साफ-सफाई की कमी थी। गंभीर अनियमितताओं के कारण, स्टोर को बंद कराकर दवाइयों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी रोक

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला और फ्रिज खराब अवस्था में था। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के चलते, इस स्टोर को भी तत्काल बंद कराकर दवाइयों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई।

ए. जेम्स एंड कंपनी का लाइसेंस एक्सपायर

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक उपस्थित थे। जब लाइसेंस मांगा गया, तो संचालक उसे प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में पता चला कि लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है और नवीनीकरण से संबंधित कोई भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। स्टोर में एक्सपायर्ड दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी अव्यवस्थित पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

आमजन के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा प्राथमिकता

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी और जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है, विशेषकर दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों में मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

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