बाघ की मौजूदगी की सूचना पर अल्मोड़ा के मोहान वन क्षेत्र में विशेष निगरानी दल सक्रिय
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 7 अगस्त 2026 | 05:17 PM5

अल्मोड़ा, सूचना विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अल्मोड़ा जिले के मोहान वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा डबरा सौराल, ग्राम सभा तड़म और काठ की नाव क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत के निर्देशन में गठित टीमों ने इस क्षेत्र में कैंप स्थापित कर लगातार निगरानी और गश्त का कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, आम जनता के बीच प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
बाघ के देखे जाने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई
हाल ही में क्षेत्र में बाघ के देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है। रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी के लिए डॉक्टर टीम और क्विक रिस्पॉन्स टीम को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। इन टीमों द्वारा आवश्यक रेस्क्यू उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं और बाघ की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। बाघ के पदचिन्हों और अन्य संबंधित गतिविधियों की पहचान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
आधुनिक उपकरणों से निगरानी
क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों की सटीक निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस हेतु 02 लाइव कैमरे और 15 कैमरा ट्रैप सहित अन्य महत्वपूर्ण उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से वन्यजीवों की हर गतिविधि को ट्रैक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गांवों में पोस्टर, लाउडस्पीकर और जनजागरूकता गोष्ठियों का आयोजन कर स्थानीय लोगों को बाघ से संबंधित सुरक्षा उपायों और सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। रेस्क्यू कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान की विशेषज्ञ टीम का भी सहयोग लिया जा रहा है।
सुरक्षा उपकरण और पिंजरे स्थापित
वन विभाग की टीमें क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग कर रही हैं। इनमें 05 एनाइडर, 05 फॉक्स लाइट, राइफल और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। बाघ को पकड़ने के उद्देश्य से 05 पिंजरे भी लगाए गए हैं। निगरानी प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए 15 ट्रैप कैमरों के अलावा 02 ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है, जो क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं।
समन्वित प्रयास
इस महत्वपूर्ण कार्य में वन विभाग की विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। गश्त, निगरानी और जागरूकता अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट और अल्मोड़ा रेंजों की टीमों ने एक साथ मिलकर क्षेत्र में कैंप लगाकर कार्य किया है। यह समन्वित प्रयास मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह जानकारी काकुल पुंडीर, उप प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा साझा की गई है।
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