अल्मोड़ा

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हवालबाग में कारीगरों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, 150 से अधिक की भागीदारी

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 20 अगस्त 2026 | 06:04 PM4

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हवालबाग में कारीगरों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, 150 से अधिक की भागीदारी

अल्मोड़ा, 20 अगस्त 2026

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, विकासखंड हवालबाग में एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-डीएफओ हल्द्वानी द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

योजना का उद्देश्य और भागीदारी

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आवश्यक जानकारी और संसाधन प्रदान करना था। इसमें उत्पाद ब्रांडिंग, प्रभावी पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत, कारीगरों को टूलकिट वितरण, क्यूआर कोड के माध्यम से शिपिंग और ट्रैकिंग की सुविधा, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग की रणनीतियों, वित्तीय साक्षरता, ऋण सुविधाओं, और उद्यम पंजीकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न अन्य लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि कारीगर इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कैसे पहुंचाया जाए, इस पर भी मार्गदर्शन दिया गया। इसके अतिरिक्त, आधुनिक डिजाइन मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण के महत्व को समझाते हुए, कारीगरों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रोत्साहित किया गया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का व्यावसायिक उपयोग

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावसायिक उपयोगों पर सत्र रहा। कारीगरों को एआई टूल्स की सहायता से उत्पाद डिजाइन को बेहतर बनाने, आकर्षक डिजिटल कंटेंट तैयार करने और ग्राहकों की बदलती पसंद को समझने के नवीन तरीकों से अवगत कराया गया। इस सत्र ने कारीगरों को प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने व्यवसायों को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक नई दृष्टि प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान, 5 पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए मौके पर ही क्यूआर कोड भी जनरेट किए गए, जो डिजिटल भुगतान और पहचान को आसान बनाएगा।

सवांद और समाधान सत्र

कार्यक्रम के अंत में, एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इसमें कारीगरों ने अपने व्यवसाय पंजीकरण, सरकारी योजनाओं के लाभ, ऋण, सब्सिडी, टूलकिट प्राप्ति और एआई टूल्स के उपयोग से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से कारीगरों की समस्याओं को सुना और उनका निवारण करने का आश्वासन दिया।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एमएसएमई-डीएफओ हल्द्वानी के सहायक निदेशक विनोद कुमार, संदीप प्रियदर्शी, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिरुद्ध शाह, जिला उद्योग केंद्र, इंडिया पोस्ट ऑफिस, रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर एवं राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम की सफलता को और बढ़ाया।

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