अल्मोड़ा

परीक्षा शांति भंग करने की आशंका में लागू हुई निषेधाज्ञा

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 16 अक्टूबर 2026 | 03:46 PMअपडेट: 16 अक्टूबर 2026 | 03:56 PM18

परीक्षा शांति भंग करने की आशंका में लागू हुई निषेधाज्ञा

अल्मोड़ा, आगामी पशुधन प्रसार अधिकारी परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई है। असामाजिक तत्वों द्वारा साम्प्रदायिक या जातिगत भावनाओं को भड़काकर शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में हथियार रखने, बाहरी लोगों के प्रवेश और समूह बनाने पर रोक लगाई गई है।

निषेधाज्ञा का दायरा

परगना मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, अल्मोड़ा में स्थित पांच परीक्षा केंद्रों – अल्मोड़ा इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, पी0एम0श्री0 अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, पी0एम0श्री0 राजा आनंद सिंह राजकीय इंटर कॉलेज और विवेकानन्द इंटर कॉलेज – के आसपास निषेधाज्ञा प्रभावी है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है।

प्रतिबंधित गतिविधियां

आदेश के तहत, कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, अग्नेयास्त्र, धारदार हथियार या लाठी-डंडा लेकर प्रवेश नहीं करेगा। हालांकि, यह प्रतिबंध सुरक्षा बलों, शांति व्यवस्था में लगे कर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के घेरे में परीक्षार्थियों, परीक्षा ड्यूटी पर तैनात अधिकृत व्यक्तियों और शांति व्यवस्था में लगे पुलिस बलों को छोड़कर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित होगा।

सुरक्षा के अन्य उपाय

निषेधाज्ञा में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में ईंट, पत्थर, रोड़े या फेंकने योग्य वस्तुएं एकत्रित नहीं करेगा। साथ ही, परीक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से 05 या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के आसपास एकत्रित नहीं हो सकेगा। परीक्षा के दौरान बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग या भाषण देने पर भी रोक रहेगी।

कानूनी प्रावधान

यह आदेश परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपन्न होने तक प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

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