नैनीताल

नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव के समापन पर 23 सितंबर को स्कूलों-कॉलेजों में रहेगा अवकाश

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 22 सितंबर 2026 | 04:57 PM8

नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव के समापन पर 23 सितंबर को स्कूलों-कॉलेजों में रहेगा अवकाश

नैनीताल, 22 सितंबर 2026।

नैनीताल नगर में आयोजित ऐतिहासिक श्री नंदा देवी महोत्सव का समापन 23 सितंबर, 2026 को निर्धारित है। इस अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके उपरांत मां नंदा-सुनंदा के डोला का विसर्जन धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा।

अवकाश की घोषणा का कारण

महोत्सव के समापन समारोह में भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के नैनीताल नगर क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही, शोभायात्रा और विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के कारण यातायात व्यवस्था के प्रभावित होने की भी संभावना है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आवागमन में सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

शिक्षण संस्थानों में एक दिवसीय अवकाश

इस विशेष परिस्थिति को देखते हुए, नैनीताल नगर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित होने वाले सभी शासकीय, अशासकीय, एवं गैर-सरकारी (निजी) विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में 23 सितंबर, 2026 को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश सभी शिक्षण संस्थानों के छात्रों और कर्मचारियों पर लागू होगा, जिससे वे महोत्सव के गरिमामय समापन समारोह में भाग ले सकें या सुरक्षित रूप से अपने घरों में रह सकें।

मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश

जिलाधिकारी ने इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों तक यह सूचना तत्काल पहुंचे और अवकाश संबंधी आदेश का पालन सख्ती से किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्री नंदा देवी महोत्सव का महत्व

श्री नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक उत्सव है। यह उत्सव देवी नंदा, जिन्हें स्थानीय लोग अपनी कुल देवी मानते हैं, को समर्पित है। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इसका समापन भव्य शोभायात्रा और डोला विसर्जन के साथ होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। नैनीताल का यह महोत्सव विशेष रूप से अपनी भव्यता और श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के लिए जाना जाता है।

यह अवकाश घोषणा न केवल छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि महोत्सव का समापन समारोह बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।

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