नैनीताल

नमामि गंगे: 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े में हल्द्वानी महाविद्यालय में छात्राओं को किया जागरूक

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 23 सितंबर 2026 | 04:47 PM10

नमामि गंगे: 'स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े में हल्द्वानी महाविद्यालय में छात्राओं को किया जागरूक

हल्द्वानी, 23 सितंबर 2026। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत संचालित ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026) के क्रम में इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी, नैनीताल में छात्राओं के लिए स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एवं मुख्य उद्देश्य

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी द्वारा किया गया। प्राचार्य ने छात्राओं को नमामि गंगे ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े के उद्देश्यों एवं इसके अंतर्गत आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक दिन अथवा अभियान तक सीमित रहने वाला कार्य नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत एवं निरंतर सामाजिक मुहिम के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से स्वयं स्वच्छ रहने के साथ-साथ अपने परिवार, महाविद्यालय एवं समाज में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

स्वच्छता के विभिन्न आयाम एवं स्वास्थ्य पर प्रभाव

कार्यक्रम में नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी द्वारा छात्राओं को स्वच्छता के विभिन्न आयामों एवं स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू स्वच्छता, महाविद्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. दिनेश जोशी ने बताया कि स्वच्छता का सीधा संबंध व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता से है। अस्वच्छ वातावरण अनेक संक्रामक बीमारियों के प्रसार का कारण बन सकता है। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ भोजन ग्रहण करने, आसपास के वातावरण को साफ रखने तथा कचरे के उचित निस्तारण जैसे व्यवहारों को दैनिक जीवन में अपनाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने छात्राओं को गीले एवं सूखे कचरे को अलग रखने, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा कचरे को जल स्रोतों में न डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तो स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

डॉ. जोशी ने विशेष रूप से नदियों एवं जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और जल संरक्षण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को नमामि गंगे अभियान की भावना को अपने दैनिक व्यवहार में शामिल करने तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. हेम दुबे का प्रेरणादायी व्याख्यान

कार्यक्रम के दौरान डॉ. हेम दुबे जी द्वारा छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं स्वास्थ्य संरक्षण विषय पर विस्तृत एवं प्रेरणादायी व्याख्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल घर अथवा व्यक्तिगत जीवन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन-शैली से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. हेम दुबे ने व्यक्तिगत स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं जैसे नियमित हाथ धोना, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन का सेवन, शुद्ध पेयजल का उपयोग, आसपास के वातावरण को साफ रखना तथा कचरे का उचित निस्तारण करने के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी स्वच्छ आदतें अनेक बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने विशेष रूप से समझाया कि अस्वच्छ वातावरण अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियों के प्रसार का कारण बन सकता है। इसलिए स्वच्छता को केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी न मानकर प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका समझनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपने घर, महाविद्यालय, सार्वजनिक स्थलों तथा आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

डॉ. दुबे ने प्लास्टिक कचरे के कम उपयोग, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने, गीले एवं सूखे कचरे को अलग रखने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और छात्राएं स्वच्छता के संदेश को अपने परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाकर प्रभावी जन-जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

सहयोग एवं संकल्प

कार्यक्रम में डॉ. गौरव कुमार एवं डॉ. मंजरी जोशी द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया। उन्होंने छात्राओं को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि वे स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहें और अपने परिवार एवं समाज में भी ‘स्वच्छता ही सेवा’ की भावना को आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम के अंत में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता को केवल पखवाड़े अथवा किसी विशेष दिवस तक सीमित न रखते हुए इसे जीवनभर की आदत और निरंतर जन-जागरूकता की मुहिम बनाया जाए। महाविद्यालय परिवार ने नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

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