नमामि गंगे के तहत हल्द्वानी महिला महाविद्यालय में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण अभियान
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 20 सितंबर 2026 | 02:23 PM24

हल्द्वानी, 20 सितंबर 2026। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत \”स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा\” के अवसर पर इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी में छात्राओं द्वारा एक व्यापक स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरणीय संवेदनशीलता, जल संरक्षण, हरित क्षेत्रों के संवर्धन और सार्वजनिक स्थलों के प्रति नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
प्राचार्य का प्रेरणादायी उद्बोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. देवकी गिरी गोस्वामी के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने, पेड़-पौधों की देखभाल करने, जल स्रोतों का संरक्षण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया।
परिसर में व्यापक स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण
अभियान के दौरान छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। परिसर में पेड़ों के आसपास जमा सूखी पत्तियों, कचरे एवं अनावश्यक वनस्पतियों को हटाकर हरित क्षेत्रों को व्यवस्थित किया गया। अनावश्यक झाड़ियों की छंटाई एवं सफाई के साथ-साथ पेड़-पौधों के आसपास के स्थानों को सुव्यवस्थित कर परिसर के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा दिया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने पेड़-पौधों में पानी डालकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश भी दिया। उन्हें समझाया गया कि पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई एवं संरक्षण केवल परिसर की सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र के प्रति जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। हरित क्षेत्र के संरक्षण, पेड़-पौधों की देखभाल, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं ने परिसर में उपलब्ध हरित क्षेत्रों के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए यह संकल्प लिया कि वे पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी तथा अपने आसपास अधिक से अधिक लोगों को वृक्ष संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए प्रेरित करेंगी।
नदी, घाट एवं जल स्रोतों की स्वच्छता
नमामि गंगे अभियान की भावना के अनुरूप नदी, घाट एवं जल स्रोतों की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। छात्राओं ने जल स्रोतों के आसपास मौजूद कचरे एवं अवांछित सामग्री को हटाने में श्रमदान किया तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने का संदेश दिया। इस दौरान छात्राओं को यह जानकारी दी गई कि नदियों एवं जल स्रोतों का संरक्षण केवल जल की उपलब्धता से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन, मानव स्वास्थ्य एवं आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
मंदिर एवं पूजा स्थलों में श्रमदान
अभियान के अंतर्गत मंदिर प्रांगण एवं पूजा स्थलों को भी स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से छात्राओं द्वारा सामूहिक श्रमदान किया गया। छात्राओं ने पूजा स्थलों के आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया तथा वहां स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थल समाज की सामूहिक धरोहर हैं और इनकी स्वच्छता एवं गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
स्वच्छता से आगे—व्यवहार परिवर्तन पर जोर
कार्यक्रम में यह विशेष संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक दिन या किसी विशेष अभियान तक सीमित गतिविधि नहीं है, बल्कि यह एक सतत सामाजिक व्यवहार है। छात्राओं को कचरा इधर-उधर न फेंकने, उपलब्ध कूड़ेदान का उपयोग करने, जल को अनावश्यक रूप से बर्बाद न करने तथा पेड़-पौधों की नियमित देखभाल जैसे छोटे-छोटे व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने “स्वच्छ परिसर–हरित परिसर–स्वस्थ समाज” की भावना को आत्मसात करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
शिक्षकों एवं छात्राओं का सक्रिय सहयोग
अभियान के सफल संचालन में नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश जोशी का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। उनके साथ डॉ. गौरव कुमार एवं डॉ. मंजरी जोशी ने भी कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्राओं को विभिन्न टीमों में विभाजित कर स्वच्छता, हरित क्षेत्र संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित गतिविधियां व्यवस्थित रूप से कराई गईं। छात्राओं ने पूरे उत्साह एवं जिम्मेदारी के साथ श्रमदान करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया व्यापक संदेश
अभियान के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। स्वच्छ परिसर, सुरक्षित जल स्रोत, संरक्षित पेड़-पौधे और स्वच्छ सार्वजनिक स्थल मिलकर स्वस्थ एवं सतत समाज की आधारशिला तैयार करते हैं। नमामि गंगे एवं “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के माध्यम से छात्राओं को यह प्रेरणा दी गई कि वे अपने आसपास सकारात्मक पर्यावरणीय परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के संवर्धन तथा सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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