चंपावत

चंपावत सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 11 सितंबर 2026 | 02:11 PM13

चंपावत सहित कई जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

चंपावत, मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को सुबह 10:51 बजे से 12 सितंबर 2026 को सुबह 10:51 बजे तक प्रदेश के कई जनपदों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने की भी संभावना है।

प्रभावित होने वाले क्षेत्र

मौसम विभाग द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, येलो अलर्ट अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी जनपदों के लिए मान्य है। इन जनपदों के विभिन्न स्थानों पर मौसम की यह गतिविधि देखने को मिल सकती है।

विशेष रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्र

कुछ विशेष क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए, मौसम विभाग ने पुरोला, बड़कोट, लक्सर, लैंसडाउन, कोटद्वार, रानीखेत, लोहाघाट, खटीमा, जसपुर, बाजपुर, मंगलौर, भगवानपुर और इनके आस-पास के क्षेत्रों में बिजली कड़कने और तेज़ से बहुत तेज़ बारिश होने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

येलो अलर्ट का महत्व

येलो अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली एक चेतावनी है, जो संभावित रूप से खतरनाक मौसम की स्थिति का संकेत देती है। यह नागरिकों को आगामी मौसम के लिए तैयार रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए सूचित करता है। इस अलर्ट का उद्देश्य किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जान-माल की हानि को कम करना है।

आवश्यक सावधानियां

भारी बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में, नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे खुले में जाने से बचें, विशेषकर बिजली गिरने के समय। पेड़ों के नीचे या पानी के स्रोतों के पास खड़े न हों। वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और नदी-नालों के किनारे न जाएं। मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

क्षेत्रीय मौसम का सामान्य अवलोकन

इस क्षेत्र में मानसून के दौरान अक्सर भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं देखी जाती हैं। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में, नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बना रहता है। मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली चेतावनियाँ स्थानीय प्रशासन और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण होती हैं ताकि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रह सकें।

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