चंपावत में टीबी उन्मूलन को गति: हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों से होगी सघन स्क्रीनिंग
गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 4 सितंबर 2026 | 03:01 PM6

चंपावत, 04 सितम्बर 2026, चंपावत जनपद में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से संभावित टीबी मामलों की सघन स्क्रीनिंग की जाएगी, जिससे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी टीबी की सक्रिय खोज को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
बजट आवंटन एवं मुख्य उद्देश्य
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत जनपद चंपावत में टीबी के संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और उनकी सक्रिय खोज को बेहतर बनाने के लिए हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वपूर्ण पहल हेतु जनपद को 5.76 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस आवंटन से मशीनों की खरीद, संचालन और संबंधित गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी के निर्देशन में गतिविधियां
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के स्पष्ट निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के मार्गदर्शन में, जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर प्रयासरत गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जहाँ भौगोलिक कठिनाइयों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित है। इन दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में, उन व्यक्तियों की स्क्रीनिंग के लिए हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जाएगा जिनमें टीबी के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन जो संवेदनशील हो सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित टीबी रोगियों की जल्द से जल्द पहचान करना और उन्हें समय पर आवश्यक जांच और उपचार से जोड़ना है, ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके।
100 प्रतिशत स्क्रीनिंग का लक्ष्य
भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, चिन्हित किए गए बिना लक्षण वाले और संवेदनशील आबादी की 100 प्रतिशत एक्स-रे स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के संचालन में संलग्न एक्स-रे तकनीशियनों को प्रत्येक एक्स-रे जांच के लिए ₹10 की आउटपुट आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह प्रोत्साहन राशि तकनीशियनों को अपने कार्य के प्रति और अधिक प्रेरित करेगी और स्क्रीनिंग प्रक्रिया की गति को बढ़ाएगी।
दुर्गम क्षेत्रों में सक्रिय खोज को बढ़ावा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से, विशेष रूप से दुर्गम और पहुंच से बाहर के क्षेत्रों में, टीबी की सक्रिय खोज को एक नई गति मिलेगी। यह न केवल संभावित मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनकी आवश्यक जांच और उपचार की प्रक्रिया को भी सुचारू बनाएगा। इसके अतिरिक्त, यह कदम टीबी संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘टीबी हारेगा, प्रदेश जीतेगा’ संकल्प
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत, चंपावत जिले में ‘टीबी हारेगा, प्रदेश जीतेगा’ के संकल्प को और मजबूत करते हुए स्वास्थ्य विभाग टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों का यह नवीन उपयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।
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