अल्मोड़ा

अल्मोड़ा पुलिस द्वारा बग्वालीपोखर की बालिकाओं को सुरक्षा के गुर सिखाए गए

गीता जोशी (संपादक)प्रकाशित: 7 अगस्त 2026 | 05:20 PM5

अल्मोड़ा पुलिस द्वारा बग्वालीपोखर की बालिकाओं को सुरक्षा के गुर सिखाए गए

अल्मोड़ा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा, श्री चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में जनपद में निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सुरक्षा पाठ का आयोजन

दिनांक 07.08.2026 को, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वाराहाट के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बग्वालीपोखर, श्री धरम सिंह ने अपनी पुलिस टीम के साथ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बग्वालीपोखर (द्वाराहाट) में छात्राओं और विद्यालय स्टाफ के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न प्रकार की सुरक्षा चिंताओं और उनसे बचाव के उपायों से अवगत कराना था।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल व्यवहार

कार्यक्रम के दौरान, पुलिस टीम ने छात्राओं को साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बदलते तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। यह समझाया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या अपने निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करे। इससे एमआरएम (Money Restoration Module) के माध्यम से धनराशि वापस पाने का प्रयास किया जा सके। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

नवीन कानून और नागरिक अधिकार

पुलिस टीम ने छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को नवीन आपराधिक कानूनों, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों, सड़क सुरक्षा नियमों और यातायात नियमों के पालन के महत्व के बारे में भी अवगत कराया। सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। छात्राओं से अपेक्षा की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इन महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करें।

हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी

कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपदा हेल्पलाइन 1070, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और मानस हेल्पलाइन 1933 शामिल हैं। छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का निर्भीक होकर उपयोग करें।

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